बात कहूँ भरतार बात का चाला से, मतना बोईए ईँख जान का गाला से ।। सरोज घणघस ।। Saroj Ghanghas ke Geet • 1.5K views
मेरा घरां जान ने जी कर रहा हो लिए सतर साल, उठे से साजन मेरे सौ सौ मण की झाल ।। सरोज घणघस ।। Saroj Ghanghas ke Geet • 3K views
मेरे कहे ते ब्याह करवाले तू पाछे धूल बटौलेगा, मैं मरगी तो मेरे सजन तू किसके तलवे रोलेगा ।। सरोज ।। Saroj Ghanghas ke Geet • 8K views
माहरे बनड़े का चौड़ा चौड़ा माथा, उपर धार धरी हे सेहरे की ।। सरोज घणघस ।। Saroj Ghanghas ke Geet • 3.2K views
क्यूँ जूती के मड़के ठावे हो पीया रोटी धरी अलमारी में ।। सरोज घणघस ।। Saroj Ghanghas ke Geet • 13K views